Skip to main content

की-बोर्ड के प्रकार (Types of Keyboard)

की-बोर्ड के प्रकार (Types of Keyboard)

  1. साधारण कीबोर्ड (Normal Keyboard)
  2. तार रहित की-बोर्ड (Wireless Keyboard)
  3. अरगानोमिक की-बोर्ड (Ergonomic Keyboard)

साधारण कीबोर्ड (Wired Keyboard) :- 

साधारण कीबोर्ड वे कीबोर्ड होते हैं, जो सामान्य रूप से प्रयोग (Use) किये जाते हैं, जिसे User अपने PC में प्रयोग करता हैं | इसका आकार आयताकार होता है, इसमें लगभग 108 Keys होती हैं एवं इसे Computer से Connect करने के लिए एक Cable होती हैं जिसे CPU से जोडा  जाता हैं|

तार रहित की-बोर्ड (Wireless Keyboard) :-

तार रहित की-बोर्ड (Wireless Keyboard) प्रयोक्ता (User) को की- बोर्ड में तार के प्रयोग से छुटकारा दिलाता है | कुछ कंपनियों ने तार रहित की-बोर्ड का बाजार में प्रवेश कराया है| यह की-बोर्ड सीमित दूरी तक कार्य करता है| यह तार रहित की-बोर्ड थोडा महँगा होता है तथा इसमें थोड़ी तकनीकी जटिलता होती है| इसमें तकनीकी जटिलता होने के कारण इसका प्रचलन बहुत अधिक नहीं हो पाया है|

अरगानोमिक की-बोर्ड (Ergonomic Keyboard):-

बहुत सारी कंपनियों ने एक खास प्रकार के की-बोर्ड का निर्माण किया है, जो प्रयोक्ता (User) को टाइपिंग करने में दूसरे की-बोर्ड की अपेक्षा आराम देता है| ऐसे की-बोर्ड अरगानोमिक की-बोर्ड (Ergonomic Keyboard)  कहलाते है ऐसे की-बोर्ड विशेष तौर पर प्रयोक्ता (User) की कार्य क्षमता बढाने के साथ साथ लगातार टाइपिंग करने के कारण उत्पन्न होने वाले कलाई (Wrist) के दर्द को कम करने में सहायता देता है |


Comments

Popular posts from this blog

सॉफ्टवेयर क्या हैं तथा उसके प्रकार

सॉफ्टवेयर क्या हैं तथा उसके प्रकार, सॉफ्टवेयर क्या हैं? (What is Software)  सॉफ्टवेयर Computer का वह Part होता है जिसको हम केवल देख सकते हैं और उस पर कार्य कर सकते हैं, Software का निर्माण Computer पर कार्य करने को Simple बनाने के लिये किया जाता है, आजकल काम के हिसाब से Software का निर्माण किया जाता है, जैसा काम वैसा Software । Software को बडी बडी कंपनियों में यूजर की जरूरत को ध्‍यान में रखकर Software programmers द्वारा तैयार कराती हैं, इसमें से कुछ free में उपलब्‍ध होते है तथा कुछ के लिये चार्ज देना पडता है। जैसे आपको फोटो से सम्‍बन्धित कार्य करना हो तो उसके लिये फोटोशॉप या कोई वीडियो देखना हो तो उसके लिये मीडिया प्‍लेयर का यूज करते है। कंप्यूटर बिभिन्न प्रोग्रामों का समूह होता हैं जिसके द्वारा विशिष्ट कार्यों को किया जा सकता हैं| कंप्यूटर में दो भाग होते है, पहला हार्डवेयर कहलाता है जबकि दूसरा सॉफ्टवेयर | हार्डवेयर कंप्यूटर के भौतिक भाग होते है जिन्हें हम छु सकते है जो एक निश्चित कार्य करते है, जिसके लिए उन्हें बनाया गया है जैसे- Keyboard, Mouse, Monitor, CPU, Printer, ...

Whatsapp की voice कॉल रिकॉर्ड कैसे करे ।।शर्मा_कंप्यूट_ज्ञान

Whatsapp की voice कॉल रिकॉर्ड कैसे करे ।।शर्मा_कंप्यूट_ज्ञान आप सभी ने कभी न कभी यह महसूस ज़रूर किया होगा कि फोन पर कॉल करने के दौरान उसे रिकॉर्ड कर सकते हैं, लेकिन WhatsApp पर किसी से कॉल करने पर क्या उसे रिकॉर्ड किया जा सकता है। हां, ज़रूर, फेसबुक के इंस्टेंट मेसेजिंग ऐप WhatsApp में आप एक ट्रिक की मदद से कोई भी कॉल रिकॉर्ड कर सकते हैं। 1- सबसे पहले क्यूब कॉल रिकॉर्डर (Cube Call Recorder) ऐप को अपने फोन में डाउनलोड करें। ऐप ओपन करने के बाद व्हाट्सऐप पर जाएं। 2- इसके बाद उस व्यक्ति को कॉल लगाएं जिससे आपको बात करनी है। 3- अगर आपको कॉलिंग के दौरान क्यूब कॉल विजेट दिखाई देता है तो इसका मतलब यह आपके फोन में काम कर रहा है। 4- अगर आपको error शो होता है तो एक बार फिर क्यूब कॉल रिकॉर्डर को खोलें। इस बार आपको ऐप के सेटिंग सेक्शन में जाना है और यहां आपको वॉयस कॉल में Force VoIP पर क्लिक करना है। 5- एक बार फिर व्हाट्सऐप से कॉल लगाएं और देखें कि क्या अब क्यूब कॉल रिकॉर्डर का विजेट शो हो रहा है या नहीं। 6- अगर आपके फोन में दोबारा error दिखाता है तो इसका मतलब यह आपके फोन पर काम नहीं करेगा...

कम्प्यूटर की पीढियाँ (Generation of Computer in Hindi)

कम्प्यूटर की पीढियाँ (Generation of Computer in Hindi) कंप्यूटर का विकास 16 वीं शताब्दी से शुरू हो गया था तथा आज का आधुनिक कंप्यूटर्स इसका परिणाम है। हालांकि, कंप्यूटर के विकास में तेज़ी से बदलाव आया। प्रत्येक पीढ़ी के बाद, कंप्यूटर के आकार-प्रकार, कार्यप्रणाली और कार्यशीलता में बहुत सुधार हुआ है। वर्तमान के कंप्यूटर काफी आधुनिक और विकशित है। इस क्रम-विकास की अवधि के दौरान, कंप्यूटर में काफी परिवर्तन आये जिसने कंप्यूटरों की नई पीढीयों को जन्म तथा विभिन्न प्रकार की कंप्यूटर का आविष्कार हुआ। जिससे हम  जनरेशन ऑफ कंप्यूटर   (Generation of Computer in Hindi)  के रूप में जानते है तथा इसे पांच अलग चरणों में विभाजित किया गया है। पहली पीढ़ी के कंप्यूटर (1940 – 1956) दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर (1956 – 1963) तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर (1964 – 1971) चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (1971 – 1980) पांचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर (वर्तमान और भविष्य) फर्स्ट जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1940 – 1956) पहले पीढ़ी के कंप्यूटरों में  वैक्यूम ट्यूब  का इस्तेमाल किया गया था। वैक्यूम ट्...